28 April 2009
20 April 2009
आपके लिए
सोशल विजन का 'जाने अपने प्रत्यासी ' के इस अंक को पहुचने से पूर्व ने चुनावी प्रक्रिया और राजनितिक प्रक्रिया को विश्लेषण कराने पर पाया की पुरी चुनावी व्यस्था में मतों को अपने पछ में करने के लिए दल अपनी विचार धारा ,अपनी सोच, जनता के प्रति उनकी प्रतिबध्ताये ,जनता के लिए उन्हें क्या करना है , वे कैसे करेगे ,उनके प्रत्यासी में क्या योग्यताये है ,इन सबके साथ वे जनता को विशवास दिलाते है अधिकांश वर्ग उनकी स्वीकार्यता है , इसके लिए वे सूचना के तमाम साधनों के साथ पोस्टर पम्पलेट बैनर के साथ आधुनिक संचार साधनों में sms फ़ोन अदि का प्रयोग करते है
सभी का मकसद एक है वे अपनी बात कार्यकर्ता मतदाता के बीच कैसे बेहतर ढंग से रखी जाए ; इसी पर सत्ता की समीकरण लिखी जाती है ,जिसने इसे बेहतर ढंग से रखा मतदाता उसी के साथ हो जाता है
इसी के लिए दल और प्रत्यासियों के अधिकांश धन खर्च हो जाते है
एसे में यह प्रश्न उटता है वे प्रत्यासी जो धनबल से मजबूत नही है लेकिन अच्छे विचार रखते ,जनता के प्रति कुछ करने की ललक हो तो वो अपनी बात जनता तक कैसे पहुचाये , और प्रत्यासियों के बीच अपनी उपस्तिथि दर्ज कराए एसे में सोशल विजन द्वारा दो वर्ष पूर्व निकाय चुनाव में किए गए शुरू किए गए इस प्रयोग को सभी का व्यापक समर्थन और सहयोग मिला , उस प्रयोग से पहले छपने वाले पोस्टर पम्लेट बैनर में योग्यता के स्थान पर बड़े नेतायो के जय कर वाले शब्द के स्थान पर पत्रिका में छपे उनके विवरण के पूर्ण जानकारी के साथ उनकी सोच उनके आदर्श खेलकूद साहित्य युवायो के लिए उनकी योजना के लिए सभी प्रत्यासियों को एक फार्म उपलब्ध कराकर दिए गए उत्तर के साथ मतदाता तक पहुचाया गया जिससे वे प्रत्यासियों ke beech मिला तुलनात्मक अध्यन कराने का मौका मिले सके
इससे मतदाता देश के सबसे बड़े सदन में जहा देश का bhavishaya तय होता है वहा बेहतर प्रतिनिधि भेज सके
इस प्रयोग से जहा pradushan रोकने में मदद मिली ,vahi प्रत्यासियों और मतदाता के बेहतर समबन्ध बनने से मत प्रतिसत बढ़ने me मदद मिली
इस प्रयोग को देश ख्यातिलब्ध patrakaaron sanghatano द्वारा सराहे जाए के बाद vision टीम इस लोकसभा
में इसे अपने sansaadh appke बीच में ला रही
सभी का मकसद एक है वे अपनी बात कार्यकर्ता मतदाता के बीच कैसे बेहतर ढंग से रखी जाए ; इसी पर सत्ता की समीकरण लिखी जाती है ,जिसने इसे बेहतर ढंग से रखा मतदाता उसी के साथ हो जाता है
इसी के लिए दल और प्रत्यासियों के अधिकांश धन खर्च हो जाते है
एसे में यह प्रश्न उटता है वे प्रत्यासी जो धनबल से मजबूत नही है लेकिन अच्छे विचार रखते ,जनता के प्रति कुछ करने की ललक हो तो वो अपनी बात जनता तक कैसे पहुचाये , और प्रत्यासियों के बीच अपनी उपस्तिथि दर्ज कराए एसे में सोशल विजन द्वारा दो वर्ष पूर्व निकाय चुनाव में किए गए शुरू किए गए इस प्रयोग को सभी का व्यापक समर्थन और सहयोग मिला , उस प्रयोग से पहले छपने वाले पोस्टर पम्लेट बैनर में योग्यता के स्थान पर बड़े नेतायो के जय कर वाले शब्द के स्थान पर पत्रिका में छपे उनके विवरण के पूर्ण जानकारी के साथ उनकी सोच उनके आदर्श खेलकूद साहित्य युवायो के लिए उनकी योजना के लिए सभी प्रत्यासियों को एक फार्म उपलब्ध कराकर दिए गए उत्तर के साथ मतदाता तक पहुचाया गया जिससे वे प्रत्यासियों ke beech मिला तुलनात्मक अध्यन कराने का मौका मिले सके
इससे मतदाता देश के सबसे बड़े सदन में जहा देश का bhavishaya तय होता है वहा बेहतर प्रतिनिधि भेज सके
इस प्रयोग से जहा pradushan रोकने में मदद मिली ,vahi प्रत्यासियों और मतदाता के बेहतर समबन्ध बनने से मत प्रतिसत बढ़ने me मदद मिली
इस प्रयोग को देश ख्यातिलब्ध patrakaaron sanghatano द्वारा सराहे जाए के बाद vision टीम इस लोकसभा
में इसे अपने sansaadh appke बीच में ला रही
18 April 2009
17 April 2009
14 April 2009
13 April 2009
12 April 2009
देश का कैसे करेगे ये विकास

लोक सभा चुनाव चल रहा सभी पार्टियों ने अपने प्रचार तेज कर दिए है और वादों इरादों से देश का भाग्य बदलने का विस्वास भी दिला रही
वो कभी अमेरिका से आगे निकालने की बात करते है तो कभी जापान इन सबके बीच हर पार्टी दुसरे पर जातिवादी सम्प्रदाय वादी होने का आरोप लगाकर आपने धर्मं और अपने जाती के बारे में उसने क्या किया बताने से नही चुकती है
जाती और सम्प्रदाय वाद से बचने का नारा देकर वो भी वो ही काम करते नजर आते है कहते है देश अमेरिका से आगे ले जायेगे लेकिन उनका उम्मीदवार हाई स्कूल पास देश के और समस्याए के बारे में पता नही सिर्फ़ पता है अपनी जात और अपना धर्मं लेकिन नारा देश विकास
11 April 2009
01 April 2009
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